आज कल हम टैरो कार्ड्स के बारे में सुन रहे हैं.इस नयी वस्तु के बारे में
हमने पहले नहीं सुना पर अब देखने में आ रही है.टैरो कार्ड्स क्या है?टैरो
कार्ड्स से भविष्य कैसे पता चलता है?कैसे यह वस्तु हमें अपने भविष्य या हर
प्रकार की समस्याओं के बारे में बताती है?यह कितनी सत्य है और कितना इसमें
अंधविश्वास है?इसमें जन्मतिथि नहीं चाहिए होती?यह ज्योतिष है?या एक खेल में
प्रयोग होने वाले कार्ड्स हैं?क्या सच में यह एक विद्या है या इसे माना जा
रहा है?इन सारी बातों का , प्रश्नों का आज हम उत्तर देंगे.टैरो कार्ड्स एक
बहुत गूढ़ विद्या है.जिसे विदेशों से यहाँ लाया गया है.इसे पहले भारत में
नहीं देखा गया था.अभी दस सालों से धीरे धीरे करते हुए टैरो कार्ड्स को जाना
रहा है.इनसे भविष्य जानने के लिए भी लोग अपना आंकलन करवाते हैं.पर इसकी
पूरी जानकारी न होने के कारण टैरो कार्ड्स रीडर बहुत परेशानी का सामना करते
हैं और जनता को इससे पूरी जानकारी नहीं दे पाते हैं.टैरो कार्ड्स से
भविष्य या और जानकारियां पूरी प्राप्त न कर पाने के कारण इस विद्या पर से
विश्वास उठ जाना स्वाभाविक है.इस तथ्य में कोई दो राय नहीं है.पर जनता से
हमारा अनुग्रह है , कि आप टैरो कार्ड्स को मिथ्या या झूठ कतई न
मानें.टैरो कार्ड्स एक गणित पर आधारित विज्ञान है.जिसे पश्चिम के लोगों ने
बहुत हद तक केवल मार्गदर्शन के लिए ही प्रयोग किया है.वे लोग भी इसको बहुत
गहराई तक नहीं ले पाए और उन्होंने इसे केवल मार्गदर्शन के लिए ही प्रयोग
किया है.उसके बाद भारत में टैरो कार्ड्स का आना एक बहुत विशेष बात है.इसे
हमें एक नयी विद्या के रूप में ग्रहण करना चाहिए.क्योंकि टैरो कार्ड्स का
जो रूप हमने विदेशों से ग्रहण किया उसी रूप को वहीँ तक सीमित मान लेना
श्रेयस्कर नहीं है.
टैरो कार्ड्स की खोज करने में डॉ.हेमंत वशिष्ट ने अपना बहुत योगदान दिया है.अपने जीवन के कई वर्ष इस विद्या में व्यतीत करने के पश्चात उन्होंने टैरो को शास्त्र घोषित किया है,उनकी खोज के मुताबिक टैरो कार्ड्स एक शास्त्र है.जिसे बहुत ही बारीकी से गणित पर आधारित बनाया गया है.इसमें बहुत बारीकी से और बहुत कुशलता से सभी ज्योतिषीय गणनाओं को दर्शाया गया है.टैरो कार्ड्स सूर्य चन्द्र की गणनाओं पर आधारित कार्ड्स या पत्र कहे जा सकते हैं.इनका दायरा केवल इनके अर्थों तक ही नहीं है.जो लोग टैरो कार्ड्स को अंतर मन के साथ संबंधित मानते हैं.वे भी गलत नहीं हैं.टैरो कार्ड्स एक ऐसा गणित और मनोविज्ञान है जिसे किसी भी तरह से किसी भी पद्दति के अनुसार प्रयोग में लाया जा सकता है.कुछ विशेषज्ञों ने इसे कब्ब्लाह-जीवन वृक्ष के साथ सम्बंधित माना है.जो कि उचित है.पर टैरो कार्ड्स को अगर हम भारतीय ज्योतिष के अनुसार भी देखें तो भी सारी गणनाएँ इसमें बराबर आती हैं.इसके लिए इसका अति सूक्ष्म ज्ञान होना चाहिए.सभी ग्रहों की गणना केवल टैरो कार्ड्स से बता देने वाले सर्वप्रथम विद्वान डॉ.हेमंत वशिष्ट माने गए हैं.पाश्चात्य के भी बहुत सारे विद्वानों ने अपने विदेशी ज्योतिष कला के अनुसार टैरो कार्ड्स में बहुत योगदान दिया है.जिन्होंने कब्बालाह-जीवन वृक्ष के बारे में बहुत विस्तार में टैरो कार्ड्स की तुलना की है.पर भारत के अति प्राचीन ज्योतिष शास्त्र को टैरो कार्ड्स के साथ तुलनात्मक रवैये से देखने और इस पर बहुत विस्तार के साथ तर्कसंगत चर्चा करने वाले सर्वप्रथम विद्वान का ख़िताब डॉ.हेमंत वशिष्ट को प्राप्त है.उन्होंने टैरो कार्ड्स को लुप्त होने से तो बचाया ही है.इस प्राचीन विद्या से उन्होंने बहुत सूक्ष्म जानकारियाँ प्राप्त करने की कुशलता भी हासिल की है.
टैरो कार्ड्स की खोज करने में डॉ.हेमंत वशिष्ट ने अपना बहुत योगदान दिया है.अपने जीवन के कई वर्ष इस विद्या में व्यतीत करने के पश्चात उन्होंने टैरो को शास्त्र घोषित किया है,उनकी खोज के मुताबिक टैरो कार्ड्स एक शास्त्र है.जिसे बहुत ही बारीकी से गणित पर आधारित बनाया गया है.इसमें बहुत बारीकी से और बहुत कुशलता से सभी ज्योतिषीय गणनाओं को दर्शाया गया है.टैरो कार्ड्स सूर्य चन्द्र की गणनाओं पर आधारित कार्ड्स या पत्र कहे जा सकते हैं.इनका दायरा केवल इनके अर्थों तक ही नहीं है.जो लोग टैरो कार्ड्स को अंतर मन के साथ संबंधित मानते हैं.वे भी गलत नहीं हैं.टैरो कार्ड्स एक ऐसा गणित और मनोविज्ञान है जिसे किसी भी तरह से किसी भी पद्दति के अनुसार प्रयोग में लाया जा सकता है.कुछ विशेषज्ञों ने इसे कब्ब्लाह-जीवन वृक्ष के साथ सम्बंधित माना है.जो कि उचित है.पर टैरो कार्ड्स को अगर हम भारतीय ज्योतिष के अनुसार भी देखें तो भी सारी गणनाएँ इसमें बराबर आती हैं.इसके लिए इसका अति सूक्ष्म ज्ञान होना चाहिए.सभी ग्रहों की गणना केवल टैरो कार्ड्स से बता देने वाले सर्वप्रथम विद्वान डॉ.हेमंत वशिष्ट माने गए हैं.पाश्चात्य के भी बहुत सारे विद्वानों ने अपने विदेशी ज्योतिष कला के अनुसार टैरो कार्ड्स में बहुत योगदान दिया है.जिन्होंने कब्बालाह-जीवन वृक्ष के बारे में बहुत विस्तार में टैरो कार्ड्स की तुलना की है.पर भारत के अति प्राचीन ज्योतिष शास्त्र को टैरो कार्ड्स के साथ तुलनात्मक रवैये से देखने और इस पर बहुत विस्तार के साथ तर्कसंगत चर्चा करने वाले सर्वप्रथम विद्वान का ख़िताब डॉ.हेमंत वशिष्ट को प्राप्त है.उन्होंने टैरो कार्ड्स को लुप्त होने से तो बचाया ही है.इस प्राचीन विद्या से उन्होंने बहुत सूक्ष्म जानकारियाँ प्राप्त करने की कुशलता भी हासिल की है.


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