काला जादू एक रूहानी
विद्या है.इसका दुरूपयोग जहाँ करने वाले को पापी घोषित करता है.वहीँ जिस पर इसका
प्रयोग हुआ है,उसकी जिंदगी भी दोषी जाती है.
इसलिए इसका दुरूपयोग
नहीं होना चाहिए.एक और तथ्य यह है,इसका कुछ समय बाद वापिस प्रभाव करने वाले पर
अवश्य होता है.जिससे उसे कोई भी सुरक्षित नहीं कर सकता.
इसके प्रभाव और
लक्षण :-
१.काले जादू के
प्रभाव से आपको बहुत आलस्य और नकारात्मक उर्जा का अनुभव होने लगता है.
२.आपको आम बात में
बहुत संवेदनशीलता महसूस होने लग जाती है.जिसे अंग्रेजी में “सेंस्टिविटी” कहते
हैं.
३.आपको छोटी छोटी
बातों पर डर या क्रोध या अजीब सी भावना मन में आने लगती है.जैसे उदाहरणार्थ-पर्दों
को देख कर डर लगने लगना या मन के विचारों से भय लगने लगना.
४.किसी भी काम को
करने से डरना या उसे करने पर ही सोचने लग जाना.
५.खीज और घुटन और
आत्महत्या के विचार मन में आने लग जाने.
६.मन में से रसहीनता
या मन न लगने की भावना का आना.
७.किसी बात को लेकर
मन डर की भावना का आना.
८.अपने आस पास किसी
के होने का आभास होना या बुरे सपने आना.
९.अपने आस रात को
कोई छाया दिखना या होने का अंदेशा होना.
१०.अपने सिर पर भार
या छाया का अनुभव होना.
११.अपने पास साँस की
आवाज़ या सोते हुए किसी की सत्ता का अनुभव होना.
१२.साँस लेने मन
परेशानी.
१३.जब भी रूचि के
कार्य करने लगना, तब डर या तनाव का मन मन आने लग जाना.
१४.जब भी बहुत खुश
होने,उसी पल आक्रांत भावना का मन मन आना.
यह सारे लक्षण काले
जादू के हैं.इसके अतिरिक्त और भी बहुत से लक्षण हमें लोगों में देखने को मिलते हैं.


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